Bhadas ब्लाग में पुराना कहा-सुना-लिखा कुछ खोजें.......................

9.12.17

इंसानों के बीच एक दिन


गलियों में घूमते हुए 
बरबस ही खींचती है गरम - गरम भात की महक,
दरवाजा खुला ही रहता है हमेशा 
यहाँ बंद नहीं होते कपाट 
चोर आकर क्या ले जायेंगे.
जिस घर  चाहूं घुस जाऊं 
तुरत परोसी जायेगी थाली 
माड़ - भात, प्याज, मिर्च के साथ 
हो सकता है रख दे हाँथ पर गुड़ कोइ 
और झट से भाग जाए झोपडी के उस पार.
यंहा भूखे को प्यार परोसा जाता है
भर- भर मुट्ठी उड़ेला जाता है आशीर्वाद.
फसल काटने के बाद 
नाचते है लोग 
घूमते हैं मेला 
प्रेमी युगल आज़ादी  से चुनते हैं अपना हमसफ़र 
दीवारें नहीं होती यंहा 
मज़हब और जाति की 
जब तक घर में धान है 
हर घर है अमीर 
धान ख़तम, अमीरी ख़तम 
फिर वही फ़ाकामस्ती
वही दर्द , वही दवा 
इनकी ज़िंदगी खदबदाती है खौलते पानी में,
पानी ठंढा हुआ जीवन आसान 
पानी के तापमान के साथ 
घटता- बढ़ता है सुख-दुःख 
पानी जैसे ही बहता है जीवन 
पानी जैसा मन 
जिस बर्तन डालो 
उस जैसा तन.



(Image credit google)

8.12.17

जौनपुर में समाचार पत्र ‘तेजस टुडे’ ने मनाया आठवां स्थापना दिवस


दैनिक भास्कर और पीपुल्स समाचार एक दूसरे के काले कारनामों की पोल खोलने में जुटे



इफराजुल की हत्या का कारण 'लव जिहाद' नही 'भगवा जिहाद' है !

राजस्थान के राजसमन्द में प्रवासी बंगाली मजदूर इफराजुल की एक दलित शम्भू लाल रेगर उर्फ शम्भू भवानी द्वारा की गई निर्मम हत्या की घटना से मैं व्यक्तिगत रूप से बहुत दुःख महसूस कर रहा हूँ ,कोई भी इंसान कैसे इस बेरहमी से किसी निर्दोष ,निहत्थे इंसान का कत्ल कर सकता है ,यह अत्यंत क्षुब्ध करने वाला अमानवीय कृत्य है ,मैं इस हत्याकांड की कड़ी भर्त्सना करता हूं और शर्मिंदगी व्यक्त करता हूँ कि मैं उस वर्ग से आता हूँ ,जिससे कातिल का संबंध है ।


महाराष्ट्र के श्रम उपायुक्त ने औद्योगिक न्यायालयों के प्रबंधकों को भेजा पत्र



7.12.17

अमर उजाला, बुलंदशहर के पत्रकार पर हमला



मोदी को लेकर करन थापर की गुगली से यूं बच निकले बराक ओबामा.... देखें वीडियो...

बीजेपी वाले झूठ परोसते हैं और फिर पकड़े जाते हैं... देखें ये दो तस्वीरें...



इस लड़की के सवाल से नारी सेफ्टी पर आईपीएस के भाषण की हवा निकल गई, देखें वीडियो

पीएफ डिपार्टमेंट ने डीबी कार्प के खिलाफ जांच शुरू की


मीडिया के बाद अब रंगमंच की आजादी पर भी सरकार हुजूर की तिरछी नजर, थिएटर आर्टिस्ट्स हुए गरम... देखें वीडियो

इन्हें ही कहते हैं सैडिस्ड आत्माएं... ये लोग दूसरे का दुख देख आनंदित होते हैं.. देखें वीडियो

राजपाल यादव दिल्ली के सरकारी स्कूल देख मनीष सिसोदिया के लिए ये क्या कह बैठे... देखें वीडियो

सूर्य की रोशनी के पृथ्वी तक सीधे पहुंचने का समय लगातार घटता जा रहा है

पी. के. खुराना

गुजरात के चुनाव और राहुल गांधी का कांग्रेस अध्यक्ष बनना इतनी बड़ी खबरें हैं कि लगता है देश भर की सारी समस्याएं खत्म हो गई हैं, सारे मुद्दे अप्रासंगिक हो गए हैं। राजनीतिज्ञों को तो जनता को अंट-शंट बातों से मुद्दे भुलाकर फुसलाने की आदत थी ही, अब मीडिया भी इस आदत का शिकार हो गया है और जनता के पास इसी मीडिया को बर्दाश्त करने के अलावा और कोई चारा नहीं बचा है। खुद मीडिया से जुड़े कई वरिष्ठ लोगों ने इस पर चिंता जाहिर की है, लेकिन इस स्थिति को बदलने के लिए मीडिया में कोई व्यवस्थित चिंतन हो रहा हो, ऐसा बिलकुल नहीं लगता।

संजय कुमार सिंह की फर्म का एकाउंट बैंक ने किया ब्लॉक


5.12.17

विस्फोट से भी ज्यादा खतरनाक है बढ़ती भीड़

भारत की बात होते ही जहन में एक ही बात सामने आती है, यहां रेल, बस, मैट्रो व सड़कों पर सिर्फ और सिर्फ भीड़ ही भीड़ नजर आती है। देश के महानगरों में लोगों की संख्या दिन प्रति दिन लगातार बढ़ती जा रही है और गांव-कस्बे खाली हो रहे हैं। लोग रोजगार की तलाश में अपने गांवों को छोड़कर शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। महानगरों में बढ़ती भीड़ किसी विस्फोटक स्थिति से कम नहीं है।

दैनिक भास्कर के खिलाफ कार्रवाई के आदेश


3.12.17

आंसू