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27.8.16

कार्रवाई नहीं मामला समझ लेते हैं शिवराज के अधिकारी...



1 अवैध डेयरी 8 महीने में 10 से ज्यादा बार कम्प्लेन फिर भी अधिकारी कह रहे "समझा दिया है अब कुछ हो तो बताइयेगा"...जी हाँ काम करने का यह तरीका हैं मध्यप्रदेश सीएम हेल्पलाइन द्वारा भेजे जाने वाले "लेवल अधिकारीयों" का। दरअसल शिवराज के राज में यह अधिकारी कार्रवाई से ज्यादा मामला समझने में विश्वास करते हैं। कम्प्लेन के वक्त शिकायत कर्ता को बिना बताये कम्प्लेन क्लोज कर दी जाती है। बाद में पता चलता है की अधिकारी द्वारा समस्या का समाधान कर दिया गया है और यह समाधान कार्रवाई नहीं बल्कि आपसी समझाइश यानी मामला समझ लेना होता है।

CM अखिलेश यादव जी से गैर मान्यता प्राप्त पत्रकारों को भी आवास, निशुल्क चिकित्सा सुविधा देने की मांग



26.8.16

देश के हालात मुझे सोने नहीं देते

विगत रातों से मुझे नींद नहीं आ रही है। रह रह कर देश के हालात मेरे जेहन पर चोट करते हैं और कुछ धूमिल सी यादें बार बार खुली आंखों से नजर आ रही हैं। मौसम में ठण्डक थी पर माहौल में इसके विपरीत तपिश जो देश को झुलसाने को आतुर थी। अंग्रेजी माह का दिसम्बर कैलेण्डरों में नजर आ रहा था। चेहरों पर तनाव व भय के साथ कुछ अनबुझे से सवाल भी थे। समाचार पत्रों के पन्नों में सामाजिक ताना बाना को ध्वस्त करते समाचार एवं छायाचित्र नजर आ रहे थे जो मानवता को मुंह चिढ़ाते से प्रतीत हो रहे थे दिन प्रतिदिन मानवता शर्मसार होती जा रही थी। शहर में जन समस्या के लिए आन्दोलन होते रहे हैं।

आओ मिलकर जीत लें मजीठिया वेतन बोर्ड की लड़ाई

साथियों माननीय सुप्रीम कोर्ट ने प्रिंट मीडिया से जुड़े साथियों को जीवन सुधारने का स्वर्णिम अवसर दिया है। मजीठिया वेज बोर्ड को लेकर जिस तरह से सुप्रीम कोर्ट ने श्रमायुक्तों को लताड़ लगाई है, उससे यह तो जाहिर हो गया कि अब सरकारें मजीठिया को लेकर ज्यादा राजनीति नहीं कर पाएंगी। न ही अखबार मालिकों के लिए श्रमायुक्त जेल जाएंगे। हां यह जरूर याद रखना होगा कि मजीठिया घर बैठे नहीं मिलेगा। इसके लिए लड़ना होगा। मामला लाखों का है, जो अखबार मालिक समय से वेतन नहीं देना चाहते उनसे मजीठिया निकलना इतना आसान नहीं है। इसलिए जो साथी जिस तरह से मजीठिया की लड़ाई लड़ सकता है वह उसी तरह से लड़ाई लड़े पर यह समझ लो कि इस लड़ाई के जीतते के लिए हम लोगों एड़ी-चोटी का जोर लगाना होगा।

24.8.16

Request for initiation of disciplinary proceedings against Binay Kant Mishra

Dated : 18.08.16

To
The Police Commissioner,
Delhi Police,
Police Hqrs. ITO
New Dellhi - 110002

Subject :  Request for initiation of disciplinary proceedings against Binay Kant Mishra, Deputy Commissioner, Delhi Police because of inclusion of his name & that of two of his family members as accused in charge sheet  filed by police in FIR No. 276/ 2012 of PS Shalimar Bagh, Delhi  u/s 420, 467, 468, 471, 448, 380, 457, & 120B  IPC.  Binay Kant Mishra is ring leader of a property grabbing gang - wails and appeal of one of his senior citizen victims

Sir,

सीआरपीएफ जवानों के लिए जरूरी है मीडिया प्रशिक्षण

माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय में सात दिवसीय 'इलेक्ट्रोनिक मीडिया उपकरण प्रशिक्षण कार्यशाला' का समापन

भोपाल, 23 अगस्त। मीडिया प्रशिक्षण के बाद सीआरपीएफ के जवान अधिक प्रभावी ढंग से समाज की सहायता कर सकेंगे। सीआरपीएफ ने अनेक विपरीत परिस्थितियों में समाज हित के काम किए हैं। सीआरपीएफ ऐसे दुर्गम स्थानों पर भी काम कर रही है, जहाँ मीडिया की पहुँच नहीं है। इसलिए जवानों को दिया गया मीडिया का प्रशिक्षण अधिक उपयोगी साबित होगा। सीआरपीएफ के कमाण्डेंट श्याम सुंदर ने सात दिवसीय इलेक्ट्रोनिक मीडिया उपकरण प्रशिक्षण कार्यशाला के समापन समारोह में यह विचार व्यक्त किए। कार्यशाला का आयोजन माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रोनिक मीडिया विभाग की ओर से किया गया था। इस कार्यशाला में सीआरपीएफ के जवानों को सात दिन तक इलेक्ट्रोनिक मीडिया के प्रशिक्षण में ऑडियो, वीडियो और फोटोग्राफी का प्रशिक्षण दिया गया।

दिल्ली सरकार की वेबसाइटों को नियमित अपडेट करने की मांग की

-हिन्दी संस्करण को भी चालू करने को कहा।
- सभी साइट को हिन्दी में भी किया जाए

नई दिल्ली। नई पीढ़ी-नई सोच संस्था के संस्थापक व अध्यक्ष श्री साबिर हुसैन ने श्री अरविंद केजरीवाल] मुख्यमंत्री दिल्ली सरकार को पत्र लिखकर सरकार की सभी वेबसाइटों को नियमति अपडेट करने की मांग की है और साथ यह भी मांग की है कि व सभी साइट को हिन्दी में भी किया जाए क्योंकि दिल्ली की अधिकतर जनता हिन्दी में काम-काज करती है इसलिए सरकार की सभी योजनाओं का फायदा सभी तक पहुंचे। मौजूदा समय में दिल्ली सरकार की कुछ वेबसाइटों को छोड़ दें तो लगभग सभी वेबसाइट काफी लंबे समय से अपडेट नहीं हो रही हैं, खासकर हिन्दी की तो बिल्कुल नहीं।

22.8.16

कविता- भारतीय भ्रष्टाचार की घड़ी

एक आदमी ने किया धरती से प्रस्थान,
और जा पहुंचा यमराज के कक्ष में,
घड़ियाँ ही घड़ियाँ देखकर रह गया हैरानl
हर देश की अलग घडी थी,
कोई छोटी कोई बड़ी थीl
कोई तेज थी कोई मंद,
कोई दौड़ रही थी कोई बंदl

अच्छा होना भी बुरी बात है इस दुनिया में...


गाजियाबाद। साहित्यिक व सांस्कृतिक सरोकारों को समर्पित नवगठित संस्था ‘श्रृंखला’ की ओर से पटेल नगर द्वितीय में सुमधुर काव्य संध्या आयोजित की गई। इसमें नामचीन कवियों ने अपनी कविताओं से लोगों को भाव विभोर कर दिया। करीब चार घंटे तक चली इस काव्य संध्या की अध्यक्षता ओज के सुप्रसिद्ध कवि कृष्ण मित्र ने की।

70 साल का लोकतंत्र दलितों-मुसलमानों के जनसंहारों का इतिहास

नांदेड 22 अगस्त 2016। दलितों और मुसलमानों पर हो रहे हिंसा के खिलाफ रिहाई मंच द्वारा आयोजित इस रैली में आया भारी जनसमुदाय यह साबित करता है कि देश सचमुच बदल रहा है। सड़क से उठी यह ऐसी बदलाव की आंधी साबित होने जा रही है जिसमें सत्ता और संसद में बैठे लोग जो बिकाऊ मीडिया के जरिए देश के बदलने की अफवाह उड़ा रहे हैं वे सभी उड़ने जा रहे हैं। देश में बदलाव के दो माडल चल रहे हैं। संसद के संरक्षण में देश के दलितों और मुसलमानों पर हो रहे हमले को बदलाव बताया जा रहा है। जो बदलाव का सरकारी माडॅल है। तो वहीं सड़कों पर दलितों और मुस्लिम समाज के बीज ऐतिहासिक एकता भी बनती जा रही है। सड़क से उठने वाला बदलाव का यह माॅडल संसद के बदलाव के माॅडल पर भारी पड़ रहा है। इसीलिए सरकारें और उसके जबी संगठनों ने इस रैली को विफल करने की कोशिशें अंतिम समय तक कीं। लेकिन ऐसे षडयंत्र जनता की एकता के सामने नहीं टिकते। ये बातें रहिाई मंच के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज आलम ने पीर बुरहान मैदान में आयोजित रैली में कहीं।

Copy of the PIL for Police Reform

IN THE SUPREME COURT OF INDIA
   CIVIL ORIGINAL JURISDICTION
WRIT PETITION (C) NO 638 OF 2016
IN THE MATTER OF:
Ashwini Kumar Upadhyay              
…Petitioner-in-Person
Verses
Union of India & Another              
...Respondents

PAPER BOOK


[FOR INDEX KINDLY SEE INSIDE]

                       

PETITIONER-IN-PERSON
(Ashwini Kumar Upadhyay)
                              Advocate En. No-D/1119/2012
                     15, New Lawyers Chambers
                     Supreme Court, New Delhi-01
05.08.2016                G-284, Govindpuram, Ghaziabad
New Delhi                    #08800278866, 9911966667

   RECORD OF PROCEEDINGS
Sr.No.      Date of Record of Proceedings         Pages
1.
2.
3.
4.
5.
6.
7.
8.
9.
10.
11.
12.
INDEX
S.No.    PARTICULARS                                PAGES
1.        Listing Performa                         A-A1
2.        Synopsis    and List of Dates                 B-H
3.        Writ Petition with Affidavit                 1-66
4.        Annexure P-1                        67-179
Model Police Act-2006  
5.        Application for Appear and Argue        180-181
as Petitioner-in-Person  


16.8.16

आजाद कौन…?

अजय जैन ' विकल्प '

देश ने आज फ़िर स्वाधीनता दिवस का जश्न मनाया है...लोगों ने दोपहर तक याद रखा और देर शाम तक भूल जाएँगे..यानि मात्र 1 दिन की वो आजादी ,जिसके लिए हजारों क्रांतिकारी और लाखों शहीदों को याद करना ही बहुत नहीं है..हमें तो उनके प्रति 1 दिन की कृतज्ञता जाहिर करनी थी सो कर दी..पर यह क्या ? केवल दिन भर ऐसे देशभक्त बनकर कहीं हम कृतघ्नता तो व्यक्त नहीं कर रहे..१५ अगस्त यानि 'आजादी का महापर्व '..पर आजाद कौन..नेता ,देश या जनता मतलब जन..वह जन जिनकी वजह से ही देश है..

विश्वास की रक्षा ही रक्षाबंधन

-बरुण कुमार सिंह
भारतीय परम्परा में विश्वास का बंधन ही मूल है। रक्षाबंधन इसी विश्वास का बंधन है। यह पर्व मात्र रक्षा-सूत्र के रूप में राखी बांधकर रक्षा का वचन ही नहीं देता, वरन प्रेम, समर्पण, निष्ठा व संकल्प के जरिए हृदयों को बांधने का भी वचन देता है। पहले आपत्ति आने पर अपनी रक्षा के लिए अथवा किसी की आयु और आरोग्य की वृद्धि के लिए किसी को भी रक्षा-सूत्र (राखी) बांधा या भेजा जाता था। सूत्र अविच्छिन्नता का प्रतीक है, क्योंकि सूत्र बिखरे हुए मोतियों को अपने में पिरोकर एक माला के रूप में एकाकार बनाता है। माला के सूत्र की तरह रक्षा-सूत्र भी व्यक्ति से, समाज से और अपने कर्तव्यों से जोड़ता है।

पत्रकारपुरम कॉलोनी चुप्पेपुर में पत्रकारों ने फहराया तिरंगा


वाराणसी, 15 अगस्त 2016 । पत्रकारपुरम कॉलोनी चुप्पेपुर में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पत्रकारों व उनके परिजनों ने झंडोत्तोलन किया और स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाया। पत्रकारपुरम विकास समिति के तत्वावधान में आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में झंडोत्तोलन के अवसर पर अध्यक्ष डॉ राजकुमार सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता तभी सार्थक होगी जब हम अपनी नैतिकता का ध्यान रखें ।

आज़ादी की एक भोर ऐसी भी होगी...

शरीर तो आज़ाद हो गये थे 1947 में
सोच आज भी इंतज़ार में हैं रिहाई के
विकार के सारे बादल छंट जायेंगे इक दिन
हर एक कोने में धूप छम से बिखर जायेगी
सारे भेद मिटा उस दिन हम इंसान बन जायेंगे
उस दिन सभी की थाली में रोटी होगी
किसी की भी आँखें नम ना होगी

15.8.16

भारत की वर्तमान स्थिति (कविता)

मिली हमें कैसी आज़ादी दुःखों की भरमार है,

जिए तो कैसे जियें जीना यहाँ दुश्वार है

जब भारत था सोने की चिड़िया लूटा था अंग्रेजो ने

चन्द रूपये की खातिर किया आज देश खोखला कुछ रिश्वत खोरी कीड़ों ने

शायद अब ना रहा इन्हें वतन से प्यार है

मिली हमें कैसी आज़ादी दुःखों की भरमार है....

महंत ज्ञानदास के अपराधिक गतिविधियों की जांच प्रधानमंत्री कार्यालय ने मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपी




अयोध्या। हनुमानगढ़ी के बहुचर्चित सागरिया पट्टी के महंत ज्ञानदास के आवास से विगत आठ वर्षों से लापता गुमशुदा मुख्तार मनोज श्रीवास्तव एवं उनके आपराधिक गतिविधियों की जांच प्रधानमंत्री कार्यालय के सेक्शन आफिसर समीर कुमार ने उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव से तुरन्त एक्शन लेकर जांच करने को कहा तथा पीड़ित को भी जांच के सम्बन्ध में अवगत कराने को कहा गया है पीड़ित किसान यूनियन के अयोध्या नगर अध्यक्ष संकटा प्रसाद मिश्र पुत्र त्रिवेणी प्रसाद मिश्र बंधा तिराहा रामघाट निकट रामप्रस्थ होटल, थाना कोतवाली अयोध्या के रहने वाले ने शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी थी जिसमें यह जांच के आदेश दिये गये हैं।

पाकिस्‍तान के स्‍वतंत्रता दिवस पर भगत सिंह

भूपेंद्र प्रतिबद्ध

यह किसी से छिपा नहीं है कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह का जन्‍म फैसलाबाद में हुआ था, जो अब पाकिस्‍तान में है। उस पाकिस्‍तान में जहां के हुक्‍मरानों और दौलतमंदों ने इस महान इंकलाबी को पूरी तरह बिसार रखा है। साथ ही पूरे मुल्‍क में एक ऐसा माहौल बना रखा है कि आम मेहनतकश अवाम ऐसे आजादी के दीवाने को न याद करने लगे जिसने शोषक-उत्‍पीड़क व्‍यवस्‍था के बुनियादी उन्‍मूलन और मार्क्‍सवादी-लेनिनवादी विचार पर आधारित समाजवादी-साम्‍यवादी व्‍यवस्‍था की स्‍थापना के लिए संघर्ष किया और भरपूर लिखा। यहां तक कि आधिकारिक तौर पर यह तक नहीं दर्ज है कि भगत सिंह की जन्‍मस्‍थली इसी मुल्‍क में है जो अविभाज्‍य भारत का अंग रही है।

यूपी में दलित वोटों का सियासी दंगल

अजय कुमार, लखनऊ

उत्तर प्रदेश में दलित-दलित का खेल खूब चल रहा है। प्रदेश में चौतरफा दलितों पर अत्याचार का रोना-रोया जा रहा है। हकीकत पर पर्दा डालकर हवा में तीर चलाये जा रहे हैं। दलितों का मसीहा बनने की होड़ में कई दल और नेता ताल ठोंक रहे हैं। किसको कितना फायदा होगा यह तो कोई नहीं जानता है,लेकिन ऐसा लगता है कि बसपा को दलित वोटों में सेंधमारी से बड़ा नुकसान हो सकता है। 2014 के आम चुनाव में दलितों का जो  रूझान बीजेपी की तरफ देखा गया था, उसका सारा श्रेय मोदी को दिया गया था। लोकसभा चुनाव में बसपा का खाता भी नहीं खुल पाया था। इसके बाद से अपने आप को दलित वोटों का लंबरदार समझने वाली मायावती बीजेपी और मोदी के ऊपर कुछ ज्यादा ही हमलावर हो गई हैं। देश के किसी भी कोने से दलितों के ऊपर अत्याचार की कोई घटना प्रकाश में आती है तो मायावती उसे तुरंत हाईजेक कर लेती है। चाहें गुजरात हो या बिहार अथवा देश का अन्य कोई हिस्सा, जहां कहीं से भी दलितों पर अत्याचार की खबर आती हैं, माया वहां पहुंच जाती हैं। राज्यसभा में किसी भी विषय पर चर्चा चल रही हो माया उसको दलितों पर अत्याचार की तरफ मोड़ देती हैं। माया ही नहीं कांग्रेस के रणनीतिकार प्रशांत कुमार,जदयू नेता नीतिश कुमार,आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल,लालू यादव आदि नेताओं की भी नजरें दलित वोटरों पर लगी रही हैं। बीएसपी सुप्रीमो मायावती प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लगातार ललकार रही हैं कि वह दलितों पर अत्याचार के मुद्दे पर सहानुभूति जताने की जगह दलितों पर अत्याचार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें।

कूड़ा साफ करने वाली बुजुर्ग महिला ने दी तिरंगे को सलामी



मुंबई : देश के ६९ वे स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ’मिशन पत्रकारिता’ ने एक मिसाल कायम करते हुए १५ अगस्त को एक अनोखे तरीके से ध्वजारोहण समारोह मनाया। प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान को साथ देते हुए मिशन पत्रकारिता नामक संस्था ने मुंबई मनपा अंतर्गत गली-गली कूचे में लोगों के घरों का कचरा साफ करनेवाली ६१ वर्षीय बुजूर्ग महिला को सम्मान देने के लिए उसके हाथों देश का तिरंगा लहराया गया। तिरंगा लहराते हुए उस बुजुर्ग महिला की भीगी आखों को देख कर सभी का दिल भर आया।