Bhadas ब्लाग में पुराना कहा-सुना-लिखा कुछ खोजें.......................

17.10.17

जागरण कर्मी के पक्ष में आया फैसला, पढ़ें लेबर कोर्ट के आदेश की कापी


पनामा पेपर का फ्राड उजागर करने वाली चर्चित महिला ब्लागर की हत्या



पनामा पेपर लीक्स ने दुनियाभर के बड़े-बड़े नेताओं के बारे में बड़े खुलासे किए थे, लेकिन इस लीक के पीछे जिस जर्नलिस्ट का हाथ था जिसने दुनियाभर की राजनीतिक और उद्योग घरानों को हिलाकर रख दिया था, उसकी हत्या कर दी गई है। पनामा पेपर लीक्स को सामने लाने वाली पत्रकार डैफनी कैरुआना गलिजिया की बम धमाके में मौत हो गई है। उनकी मौत माल्टा में हुए बम धमाके में हुई है। उन्होंने जो दस्तावेज अपने ब्लॉग के जरिए लीक किए थे, उसे पढ़ने वालों की संख्या उनके देश के सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाले अखबार से भी कहीं ज्यादा थी। सोमवार की दोपहर को गलीजिया की कार पर धमाका किया गया, जिसमें उनकी कार के परखच्चे उड़ गए और इसका मलबा पास के मैदान में चारो ओर फैल गया। उन्होंने हाल ही में माल्टा के प्रधानमंत्री जोसेफ मस्कट और उनके दो करीबियों के बारे में बड़ा खुलासा किया था। गलीजिया पर हमले की अभी तक किसी गुट ने जिम्मेदारी नहीं ली है। लेकिन माल्टा के राष्ट्रपति मरी लुइस कोलेरो प्रका ने शांति की अपील की है।

रोहतक में अखबार विक्रेता हड़ताल पर







16.10.17

अखबारों से जनहित के मुद्दे गायब, स्कीमों के जरिए लुभाकर अखबार बेचने का धंधा




यूपी में पुलिस मुठभेड़ पर उठते सवाल और संदेह की वजह

रविश अहमद
उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा बदमाशों से लगातार जारी मुठभेड़ को योगी आदित्यनाथ द्वारा मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद के उस बयान से सीधा जोड़ने में कोई बुराई नही जिसमें उनके द्वारा बदमाशों को सीधे मंच से चेतावनी दी गयी थी कि गुंडा व अराजक तत्व प्रदेश छोड़कर चले जायें। इसके बाद कुछ समय तक क्राईम कन्ट्रोल नही हुआ तो प्रदेश पुलिस द्वारा मुठभेड़ों का अम्बार लगा दिया गया। ज़ाहिर है इसमें यह तथ्य जांचने की आवश्यकता ही नही है कि प्रदेश सरकार की इस सब में सहमति है या नही।

कवरेज करने गये पत्रकार को दारोगा ने जबरन उठाया, दो घंटे किया थाने में बंद

दारोगा ने दी गालियां, मोबाइल छीनकर किया वीडियो डिलीट

मथुरा / गोवर्धन। मथुरा पुलिस की मनमानी का हाल अजीबोगरीब है। अपराध पर रोक लगाने की बजाय पत्रकार पर हमले कर रही है। सोमवार को ऐसी ही एक घटना घटी है। पत्रिका के लिए कवरेज करने गए निर्मल राजपूत के साथ थाना हाईवे के दारोगा ने गाली गलौज की और उनकी मोबाइन छीन ली। इतना ही नहीं उन्हें थाने में अपराधी की तरह नीचे बैठा दिया गया। काफी देर के बाद जब कई पत्रकार थाने पर पहुंचे तब निर्मल को रिहा गया। राजपूत ने बताया कि मोबाइल से कई पर्सनल वीडियो और कांटैक्ट भी उड़ा दिए गए है।

मीडिया हाउस और नहीं कुछ, ब्लैकमेलिंग के मकान हैं

मीडिया पर लिखी इस कविता पर गौर करें :- - 

आज कलम का कागज से मै दंगा करने वाला हूँ,
मीडिया की सच्चाई को मै नंगा करने वाला हूँ ।

मीडिया जिसको लोकतंत्र का चौंथा खंभा होना था,
खबरों की पावनता में जिसको, गंगा होना था,

प्रभात खबर रिपोर्टर पर उगाही का आरोप, देखिए कंप्लेन की कापी


पत्रकार बनकर नकली खाद्य तेल बेचने वालों से हर महीने करते थे लाखों की वसूली



मोदी जी, हमारे विश्वविद्यालय, विद्यालय कम, नकलालय ज्यादा हैं : वेद प्रताप वैदिक

डॉ. वेदप्रताप वैदिक
पटना विश्वविद्यालय के शताब्दि समारोह में हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अचानक पता नहीं क्या सूझी, उन्होंने घोषणा कर दी कि देश के 20 विश्वविद्यालयों को अगले पांच साल के लिए वे 10 हजार करोड़ रु. देंगे यानेे इनमें से हर विद्यालय को हर साल 100 करोड़ रु. मिलेंगे। क्यों मिलेंगे ? क्योंकि हमारे प्रधानमंत्रीजी उन्हें विश्व-स्तर का बनाना चाहते हैं। यह छलांग तो अच्छी है लेकिन अभी तो हाल यह है कि भारत का एक भी विश्व विद्यालय विश्व-स्तर का नहीं है। विद्यालय के पहले विश्व शब्द जुड़ा हुआ है। यह शुद्ध मजाक है। उसे पहले विद्यालय तो बनाइए, फिर उसे विश्वविद्यालय बनाना। हमारे विश्वविद्यालय, विद्यालय कम, नकलालय ज्यादा हैं। उनका काम नकलचियों कीं फौज खड़ी करना है।

पत्रकार पण्डित दीनदयाल जी ने दिया नया दर्शन

दीनदयाल जी ने अपने राजनीतिक लेखों में एक नया वाद पैदा किया जिसे समन्वयवाद नाम दिया। राजनीतिक लिप्सा के आकांक्षी लोगों के लिए उन्होंने लिखा कि शिखर पर बैठने की इच्छा सबकी होती है मगर मंदिर के शिखर पर तो कौए भी बैठते हैं? हमें तो उस नींव का पत्थर बनने की आकांक्षा करनी चाहिए जो अपने कंधों पर मंदिर को भव्य स्वरूप देता है। उपाध्याय जी ने इसे खुद पर भी लागू किया। प्रसिद्ध विचारक दत्तोपंत ठेंगड़ी एक जगह लिखते हैं कि जनसंघ का अध्यक्ष बनने के लिए उन्हें दो बार आग्रह किया गया लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया।

'प्रधानमंत्री जी, मुझे देश के लिए अखबार निकालना है, दस लाख का कर्ज दिला दीजिए'

आदरणीय प्रधानमंत्री महोदय जी
जय हिन्द
विषय.....देश के चौथे स्तंभ कहे जाने वाले मीडियाकर्मी की मन की बात।
1984 में केवल सिख परिवारों ही नहीं उजड़े तमाम हिन्दू भी उजड़े। मेरे परिवार पर भी 84 का आतंक पड़ा। बाबू जी श्री हरमंदिर साहिब से सटे बाजार में  दुपट्टे का काम छोड़कर पैतृक घर उत्तर प्रदेश के जिला गोंडा, बाजार वजीर गंज गांव मोती पुरवा चले गए। मेरी पढ़ाई दंगों की भेंट चढ़ गई। परिवार की खुशिया उजड़ गई। तीन मकान,  दो प्लाट हजारों में बिक गए जिसकी कीमत आज करोड़ो में होती।

कांग्रेस को आक्सीजन देगी गुरदासपुर की जीत?


-आशीष वशिष्ठ
गुरदासपुर लोकसभा उपचुनाव की जीत कांग्रेस को आक्सीजन देने का काम करेगी। इस जीत से न तो संसद का गणित बदलेगा और न ही राष्ट्रीय राजनीति के समीकरण। फिर भी इस उपचुनाव परिणाम को महज स्थानीय मान लेना राजनीतिक समझदारी नहीं होगी। इस जीत से पूर्व कांग्रेस ने महाराष्ट्र के नांदेड़ महानगरपालिका चुनाव में बड़ी जीत हासिल की। 2014 में कांग्रेस की बुरी शिकस्त के बाद देश के कई राज्यों से कांग्रेस की सत्ता सिमट गयी। इस साल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने पंजाब में सत्ता हासिल करने में कामयाबी पाई थी। गुजरात और हिमाचल प्रदेश में होने जा रहे विधानसभा चुनाव से पहले मिली इस जीत से कांग्रेस बेहद उत्साहित है। माना जा रहा है कि पार्टी इस नतीजे को केंद्र सरकार के फैसलों खासकर जीएसटी के खिलाफ जनता की प्रतिक्रिया बताते हुए सरकार के खिलाफ हमले को तेज करेगी।

सर्वोच्च न्यायालय के पटाखा बैन के समर्थन में उतरा बनारस

पटाखा बैन को पूरे देश में लागू करने की उठी मांग... बनारस को प्रदूषण से बचाने आगे आये नौजवान... नुक्कड़ नाटक और हस्ताक्षर अभियान का आयोजन.. 
पटाखों के खिलाफ लंका मे चला हस्ताक्षर अभियान, पूरे देश मे पटाखों पर प्रतिबन्ध की हुई माँग, सुप्रीम कोर्ट से लगाई गुहार, प्रदूषण के विरूद्ध ,स्वच्छ पर्यावरण के लिए चला हस्ताक्षर अभियान, प्रेरणा कला मंच ने नुक्कड़ नाटक के द्वारा लोगों के बीच प्रदूषण मुक्त दिवाली मनाने का संदेश दिया


विश्व ज्योति संस्थान और आशा ट्रस्ट द्वारा संचालित केयर4एयर अभियान ने दिनांक 16 .10.2017 को माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा पटाखे प्रतिबंधित किये जाने के फैसले के समर्थन मे नुक्कड़ नाटक और हस्ताक्षर अभियान का आयोजन किया गया.मैदागिन , कैंट  , आशापुर पर सुबह 11:00 से दोपहर 3:00 बजे तक आयोजित नुक्कड़ नाटक और हस्ताक्षर अभियान मे सैकड़ों महिलाओं एवं पुरुषों की भागीदारी रही.

मीडिया का काम बहुत मुश्किल भरा हो गया है : सिद्धार्थ वरदराजन


DUJ SEMINAR ON 'DEMOCRACY IN DANGER : UNETHICAL REPORTING / ATTACKS ON INDEPENDENT JOURNALISM AND JOURNALISTS'
In a sharp counter to the BJP Sangh Parivar’s campaign, Kerala Chief Minister Pinarayi Vijayan said the state has been targeted as it champions the values of secularism, socialism and democracy. He was speaking at a function organized by the Delhi Union of Journalists in the national capital on 'Democracy in Danger : Unethical Reporting/ Attacks on Independent Journalism and Journalists' on 15 October at Kerala House. The Chief Minister said slogans like ‘Love Jehad’ have been used to disrupt the state’s centuries old communal harmony but the RSS will not succeed in its game plan. He slammed several media houses for ferociously targeting Kerala and congratulated those journalists who are standing up for the truth despite pressure from employers.

15.10.17

एक अदभुत शायर विजेन्द्र सिंह परवाज़... सुनिए उनकी दो लाइनें

जब अमीरी में मुझे ग़ुरबत के दिन याद आ गए,
कार में बैठा हुआ पैदल सफ़र करता रहा।

ये अदभुत दो लाइनें जिनने रची हैं, उन्हीं की तस्वीर है ये, जिन्हें विजेन्द्र सिंह 'परवाज़' कहते हैं.


आजकल परवाज़ साब मोहननगर (गाजियाबाद) में रहते हैं, अपने डाक्टर पुत्र के पास. परवाज़ जी ने मधुशाला के आगे की कड़ी 'मेरा प्याला' नाम से सन 2004 में रच कर उसकी एक प्रति उन्हीं दिनों भेंट की थी. आज साफ-सफाई के दौरान इस किताब के दिखने पर मैंने इसे पढ़ना-गाना शुरू कर दिया... सुनिए 'मेरा प्याला' की कुछ लाइनें... वीडियो लिंक ये है... https://www.youtube.com/watch?v=krJtHWgDVLQ

मिलावट खोर देश के सबसे बड़े गद्दार हैं

मिलावटखोरों और इनके वंशजों को काली सूची में डाला जाये... मिलावट खोर देश के सबसे बड़े गद्दार हैं... इन्हें व इनके वंशजो को काली सूची में डाला जाये। ये जमानत में छूटते ही 7 दिनों में मिलावट का धन्धा पुन: शुरू कर देते हैं...  हाल ही में बीकानेर में नकली घी बनाने के मिलावट खोर पकड़ा था वह जमानत पर छूटा और 7 दिन में नई जगह मिलावट का कारख़ाना लगा लिया जो परसों फिर पकड़ा गया..

यह जैन मुनि तो रेपिस्ट निकला


एशियाई खेल में भारत का परचम लहराने वाला गाजीपुर का पहलवान दवा के लिए मोहताज

एशियाड 1986 में कांस्य पदक जीतकर बन्नू सिंह ने किया था देश का नाम रोशन। 140 किलो ग्राम भार का पहलवान लीवर व डायबिटीज की बीमारी के है शिकार। सामाजिक कार्यकर्ता ब्रजभूषण दूबे ने प्रधानमंत्री को भेजा पूरी रिपोर्ट


हाथी के सूंड जैसी भुजाएं, केले के तने जैसे जिनके जंघे व शेर सा सीना हुआ करता था केंद्रीय रिजर्व पुलिस के जवान जूडो खिलाड़ी बन्नू सिंह पहलवान का।  140 किलोग्राम भार (सुपर हैवी वेट) से लड़ते हुए उन्होंने एशियाई खेल 1986 में भारत को कांस्य पदक दिला कर गौरवान्वित किया था। वह पहलवान आज डायबिटीज व लीवर की बीमारी से ग्रसित होकर इलाज का मोहताज हो गया है।

.....प्रधानमंत्री के नाम पहला खुला पत्र....


आदरणीय प्रधानमंत्री जी,
आदरणीय इसलिए क्योंकि आप देश के प्रधानमंत्री हैं। आपने शायद गौर नहीं किया होगा कि आजकल सोशल मीडिया पर खुला पत्र लिखा जाने लगा है। पहले पंप्लेट के रूप में ये खुले पत्र मिला करते थे। तब से लेकर अब तक मैंने कभी किसी के नाम खुला पत्र नहीं लिखा। पहली बार आपके नाम खुला पत्र लिख रहा हूं। इस लिहाज से आप देश के वैसे पहले प्रधानमंत्री हैं जिनके नाम मैंने खुला पत्र लिखा। मैंने ये लाइन इसलिए लिखी क्योंकि मुझे बताया गया है कि आप ‘देश के ऐसे पहले प्रधानमंत्री’ वाली लाइन से खुश होते हैं। हालांकि मुझे इस बात पर विश्वास नहीं कि आप इस लाइन से खुश होते होंगे। खैर जो भी होता हो मैं तो आपकी खुशी की कामना करता हूं। इतनी भूमिका के बाद सीधे उन मुद्दों पर आता हूं जिनके लिए ये खुला पत्र लिख रहा हूं।